पुनर्बहाली लगतैका निर्णय सुशासन कि ‘अउरा फार्मिङ’?
‘कागज की नावों से खेल रहे हैं बच्चे, और हुक्मरान समझ रहे हैं कि वो समंदर जीत रहे हैं।’ — नागार्जुन जनकवि नागार्जुनको यो प्रसिद्ध हरफले राजनीतिक व्यवस्थाको पाखण्ड र शासक वर्गको आत्ममुग्ध भ्रमलाई अत्यन्तै सुन्दर ढङ्गले उजागर गर्छ। यहाँ...
